ईद का दिन था और था खुशी का समा || Eid Ka Din Tha Aur Tha Khushi Ka Sama

ईद का दिन था और था खुशी का समा बारिशे ग़म में फिर भी नहाना पड़ा एक मय्यत उठाना कठिन था मगर साथ दाे दाे जनाज़ा उठाना पड़ा . जाे गए लाेट कर ताे नहीं आऐंगे याद सबकाे मगर ताे बहुत आऐंंगे छाेड़ कर ऐंसे सबकाे चले जाऐंगे याद करके उनहें सबकाे राेना पड़ा . … Continue reading ईद का दिन था और था खुशी का समा || Eid Ka Din Tha Aur Tha Khushi Ka Sama