कादरी आस्ताना सलामत रहे हिंदी लिरिक्स || Mustafa ka Gharana salamat Rahe Hindi lyrics || Manqabat ghouse Azam lyrics

कादरी आस्ताना सलामत रहे मुस्तफा का घराना सलामत रहे पल रहे हैं जहां से यह दोनों जहां वोह सखी आस्ताना सलामत रहे पल रहे हैं जहां से यह शाहो गदावो सखी आस्ताना सलामत रहे दर्दमंदों के सर पर है साया फिगनआपका शामियाना सलामत रहे तुमसे मंसूब है जिंदगी का निसाबहश्र तक यह फसाना सलामत रहे … Continue reading कादरी आस्ताना सलामत रहे हिंदी लिरिक्स || Mustafa ka Gharana salamat Rahe Hindi lyrics || Manqabat ghouse Azam lyrics