पेश-ए-हक़ मुज़्दा-ए-शफ़ाअत – Pesh-e-Haq Muzhda-e-Shafa’at -پیشِ حق مژدۂ شفاعت

Hindi Lyrics पेश-ए-हक़ मुज़्दा-ए-शफ़ाअत का सुनाते जाएंगे आप रोते जाएंगे, हम को हंसाते जाएंगे दिल निकल जाने की जा है आह किन आँखों से वो हम से प्यासों के लिए दरिया बहाते जाएंगे वुसअतें दी हैं ख़ुदा ने दामन-ए-महबूब को जुर्म खुलते जाएंगे, आक़ा छुपाते जाएंगे हश्र तक डालेंगे हम पैदाइश-ए-मौला की धूम मिस्ल-ए-फ़ारस नज्द … Continue reading पेश-ए-हक़ मुज़्दा-ए-शफ़ाअत – Pesh-e-Haq Muzhda-e-Shafa’at -پیشِ حق مژدۂ شفاعت