हर एक जानिब है नूर फैला ।। Huzoor Tashrif Laa Rahe Hain Hindi Naat Lyric
हर एक जानिब है नूर फैला हुज़ूर तशरीफ़ ला रहे हैं छुपाए फिरता है मुंह अंधेरा हुजूर तशरीफ ला रहे हैं गुलों ने पाई अजीब रंगत कली ने पाई जमालो बहजत जहां का हर एक चमन है महका हुजूर तशरीफ ला रहे हैं जमीन सजी है मिसाले दुल्हन है आसमां उसपे साया अफगनहर एक आलम … Continue reading हर एक जानिब है नूर फैला ।। Huzoor Tashrif Laa Rahe Hain Hindi Naat Lyric
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