Hindi Naat Lyric सुब्ह तयबा में हुई बटता है बाड़ा नूर का | Subho Taiba Mai Hui Naat Lyric

सुब्ह तयबा में हुई बटता है बाड़ा नूर का  
सदक़ा लेने नूर का आया है तारा नूर का

बाग़-ए-तयबा में सुहाना फूल फूला नूर का
मस्त-ए-बू हैं बुलबुलें पढ़ती हैं कलिमा नूर का

बारहवीं के चाँद का मुजरा है सज्दा नूर का
बारह बुर्जों से झुका एक इक सितारा नूर का

मैं गदा तू बादशाह भर दे पियाला नूर का
नूर दिन दूना तेरा, दे डाल सदक़ा नूर का

ताज वाले देख कर तेरा ‘इमामा नूर का
सर झुकाते हैं इलाही बोल-बाला नूर का

नारियों का दौर था दिल जल रहा था नूर का
तुमको देखा हो गया ठंडा कलेजा नूर का

तेरी नस्ले पाक में है बच्चा बच्चा नूर का
तू है ऐने नूर तेरा सब घराना नूर का

नूर की सरकार से पाया दोशाला नूर का
हो मुबारक तुम को जुन्नूरैन जोड़ा नूर का

चांद झुक जाता जिधर उंगली उठाते मद में
क्या ही चलता था इशारों पर खिलोना नूर का

ऐ रज़ा येह अहमदे नूरी का फ़ैज़े नूर है
हो गई मेरी ग़ज़ल बढ़ कर क़सीदा नूर का

शायरःइमाम अहमद रज़ा खान
Produced:By Zeeshan Ashraf Asjadi

Leave a Comment