नूर का आशियाना सलामत रहे
ग़ौस का आस्ताना सलामत रहे
शाहे बगदाद है सैय्यदुलऔलिया
रुतबऐ आलीशाना सलामत रहे
नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे
रोज़ऐ गौस पर रहमतों की फुवार
यह हंसी आशियाना सलामत रहे
नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे
नाम से इनके टलती हैं सब मुश्किलें
इनका लब पे तराना सलामत रहे
नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे
गौस का दर दिखाया है जिसने हमें
वो रज़ा का घराना सलामत रहे
नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे
पर्चमें गौस का दुनिया भर में यूंही
या खुदा लहलहाना सलामत रहे
नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे
फज़ले मौला से असीम मैं हूं कादरी
ये ताल्लुक पुराना सलामत रहे
नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे
शायर: आसिम
नात खां: हाफ़िज़ ताहिर कादरी