Hafiz Tahir Qadri – Ghous Ka Aastana Salamat Rahe – Manqabat Ghous e Aazam 2026

नूर का आशियाना सलामत रहे
ग़ौस का आस्ताना सलामत रहे

शाहे बगदाद है सैय्यदुलऔलिया
रुतबऐ आलीशाना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

रोज़ऐ गौस पर रहमतों की फुवार
यह हंसी आशियाना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

नाम से इनके टलती हैं सब मुश्किलें
इनका लब पे तराना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

गौस का दर दिखाया है जिसने हमें
वो रज़ा का घराना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

पर्चमें गौस का दुनिया भर में यूंही
या खुदा लहलहाना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

फज़ले मौला से असीम मैं हूं कादरी
ये ताल्लुक पुराना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

शायर: आसिम
नात खां: हाफ़िज़ ताहिर कादरी