खुदा के फजल से हम पर है साया गौसे आजम का नात लिरिक्स | khuda ke Fazal Se hum par Naat lyrics Hindi | Manqabat Ghous e Aazam Hindi lyrics

खुदा के फजल से हम पर है साया गौ़से आज़म का
हमें दोनों जहां में है सहारा गौ़से आज़म का

मुरीदी ला-तख़फ कहकर तसल्ली दी गुलामों को
क़यामत तक रहे बेखौफ बंदा गौ़से आज़म का

हमारी लाज किसके हाथ है बग़दाद वाले के
मुसीबत टाल देना काम किसका गौ़से आज़म का

गए एक वक़्त में सत्तर मुरीदों के यहां हज़रत
समझ में आ नहीं सकता मुअम्मा गौ़से आज़म का

मोहम्मद का रसूलों में है जैसे मर्तबा आला
है अफ़ज़ल औलिया में यूं ही रुतबा गौ़से आज़म का

अज़ीज़ो कर चुको तय्यार जब मेरे जनाजे़ को
तो लिख देना कफन पर नामे वाला गौ़से आज़म का

लहद में जब फरिश्ते मुझसे पूछेंगे तो कह दूंगा
तारीक़ा कादरी हूं नाम लेवा गो़से आज़म का

निदा देगा मुनादी हश्र में यूं कादरियों को
किधर हैं क़ादरी करलें नज़ारा गौ़से आज़म का

फरिश्तों रोकते क्यों हो मुझे जन्नत में जाने से
यह देखो हाथ में दामन है किसका गौ़से आज़म का

जनाबे गौ़स दूल्हा और बाराती औलिया होंगे
मज़ा दिखलाएगा मेहशर में सेहरा गौ़से आज़म का

मुख़ालिफ़ क्या करें मेरा की है बेहद करम मुझ पर
खुदा का, रेहमतुललिल आलमीं का, गौ़से आज़म का

कभी कदमों पे लौटूंगा कभी दामन पे मचलूंगा
बता दूंगा के यूं छूटता है बंदा गौ़से आज़म का

जमीले क़ादरी सो जां से कुर्बान मुर्शिद पर
बनाया जिसने तुझ जैसे को बंदा गौ़से आज़म का

शायर: जमीलुर-रहमान क़ादरी
नात खां: उवैस रज़ा का़दरी

कादरी आस्ताना सलामत रहे हिंदी लिरिक्स || Mustafa ka Gharana salamat Rahe Hindi lyrics || Manqabat ghouse Azam lyrics

कादरी आस्ताना सलामत रहे
मुस्तफा का घराना सलामत रहे

पल रहे हैं जहां से यह दोनों जहां
वोह सखी आस्ताना सलामत रहे

पल रहे हैं जहां से यह शाहो गदा
वो सखी आस्ताना सलामत रहे

दर्दमंदों के सर पर है साया फिगन
आपका शामियाना सलामत रहे

तुमसे मंसूब है जिंदगी का निसाब
हश्र तक यह फसाना सलामत रहे

ये नकीरैन बोले मुझे कब्र में
मुस्तफा का दीवाना सलामत रहे

हक्म था के अदा हों नमाज़ें पचास
आपका आना जाना सलामत रहे

है क़यामत तलक हर ज़माना तेरा
तेरा हर एक ज़माना सलामत रहे

गौ़स की महफिलें फिर से सजने लगीं
सुन्नियों का घराना सलामत रहे

इतरते फातिमा पर उजागर निसार
सैय्यदा का घराना सलामत रहे

शायर: निसार अली उजागर
नात खां: गुलाम मुस्तफा का़दरी


Aap Nirale Shan Nirali Naat Lyric in Hindi आप निराले शान निराली hindi lyric Manqabat Ghous e Aazam Lyric

आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भर दो हमारी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

दर पे तुम्हारे मंगता खड़ा है दिल में करम की आस लिए
दूर करो मेरी बदहाली गौसे आज़म जीलानी

आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भर दो हमारी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

आपकी मां ने अपने शिकम में आधा हाफ़िज़ कर डाला
आपकी मां भी अल्लाह वाली गौसे आज़म जीलानी

आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भर दो हमारी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

आपके वालिद ने अंजाना सेब जो खाया उसके इवज़
बाग़ की, की बरसो रखवाली गौसे आज़म जीलानी

आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भर दो हमारी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

कब्र मैं जिस दम आपका शैदा खौफ से थर्रा उठा था
आपने आकर लाज बचा ली गौसे आज़म जीलानी

आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भर दो हमारी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

सब कुछ मिल जाए ताहिर जो तू मिल जाए ताहिर को
तुझसे है ताहिर तेरा सवाली गौसे आज़म जीलानी

आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भर दो हमारी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

शायर: ताहिर रज़ा रामपुरी

Hafiz Tahir Qadri – Ghous Ka Aastana Salamat Rahe – Manqabat Ghous e Aazam 2026

नूर का आशियाना सलामत रहे
ग़ौस का आस्ताना सलामत रहे

शाहे बगदाद है सैय्यदुलऔलिया
रुतबऐ आलीशाना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

रोज़ऐ गौस पर रहमतों की फुवार
यह हंसी आशियाना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

नाम से इनके टलती हैं सब मुश्किलें
इनका लब पे तराना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

गौस का दर दिखाया है जिसने हमें
वो रज़ा का घराना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

पर्चमें गौस का दुनिया भर में यूंही
या खुदा लहलहाना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

फज़ले मौला से असीम मैं हूं कादरी
ये ताल्लुक पुराना सलामत रहे

नूर का आशियाना सलामत रहे
गौस का आस्ताना सलामत रहे

शायर: आसिम
नात खां: हाफ़िज़ ताहिर कादरी