कह देना सरकार से सलाम हमारा सलाम हमारा | Keh Dena Sarkar Se Salam Hamara Salam Hamara

नज़र जब आए हाजी उन के दर का हसीं नज़ारा
कह देना सरकार से सलाम हमारा, सलाम हमारा

वो हैं जान-ए-का’बा, वो हैं शाह-ए-दो-‘आलम
देख के जिन का जल्वा झूमे ‘अर्श-ए-आ’ज़म
नबियों में कोई भी नहीं है उन के जैसा न्यारा
कह देना सरकार से सलाम हमारा, सलाम हमारा

उन के दर पे जा के होश न उड़ने पाए
दिल की हर धड़कन पे रंग-ए-जुनूँ न छाए
बे-अदबी महबूब के दर की रब को नहीं गवारा
कह देना सरकार से सलाम हमारा, सलाम हमारा

वो जन्नत की क्यारी रहमत की बुलवारी
जिसकी दीद की खातिर तारसे आंख हमारी
अल्लाह जाने पूरा होगा कब यह ख्वाब हमारा
कह देना सरकार से सलाम हमारा, सलाम हमारा

पैशे नजर हो जिस दम वो दरवारे आली
हरा भरा हो गुंबद और सुनहरी जाली
उम्मत का अहवाल नबी से करना अर्ज़ हमारा
कह देना सरकार से सलाम हमारा, सलाम हमारा

करम नबी फरमाए दे तोफीक़ खुदा दो
शहरे मदीना जाएं पैदल तुम भी देखो
जन्नत में भी नहीं मिलेगा मंजर इतना प्यारा
कह देना सरकार से सलाम हमारा, सलाम हमारा

नशीद-ख़्वाँः जावेद रज़ा

Produced By Zeeshan Ashraf Asjadi

हर एक जानिब है नूर फैला ।। Huzoor Tashrif Laa Rahe Hain Hindi Naat Lyric

हर एक जानिब है नूर फैला हुज़ूर तशरीफ़ ला रहे हैं
छुपाए फिरता है मुंह अंधेरा हुजूर तशरीफ ला रहे हैं

गुलों ने पाई अजीब रंगत कली ने पाई जमालो बहजत
जहां का हर एक चमन है महका हुजूर तशरीफ ला रहे हैं

जमीन सजी है मिसाले दुल्हन है आसमां उसपे साया अफगन
हर एक आलम के बनके दूल्हा हुजूर तशरीफ ला रहे हैं

गुनहगारों को बख्शवाने खुदा से जन्नत उन्हें दिलाने
हमारे आका हमारे मौला हुजूर तशरीफ ला रहे हैं

मिटेगी दुनिया से हर इक जहालत चहारसू  होगी इल्मी तलअत
लगेगा हक हक का सिर्फ नारा हुजूर तशरीफ ला रहे हैं

है जिनके सडदके बनी यह दुनिया जो सबके इरशाद हैं मसीहा
वो फखरे आदम वो जाने ईसा हुजूर तशरीफ़ ला रहे हैं